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General Archives - MahaBrahmrishi Shree Kumar Swami ji

ब्रह्मर्षि कुमार स्वामी हो गए ‘महाब्रह्मर्षि’

‘महाब्रह्मर्षि‘ यह पद कैसे निष्पन्न होता है, इसका शास्त्रों में उद्धृत प्रमाण के आलोक में चिंतन करते हैं-‘महाब्रह्मर्षि’ में तीन शब्द (पद) हैं-महा (महत्)

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नाड़ी दोष महादोष है

नाड़ी दोष के कारण दिन-प्रतिदिन वैवाहिक जीवन में विघटन आ रहा है। भारत ही नहीं पूरे विश्व में इस प्रकार की परिस्थितियां बनी हुई

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क्या आज भी जीवित हैं हनुमानजी?

हनुमानजी इस कलयुग के अंत तक अपने शरीर में ही रहेंगे। वे आज भी धरती पर विचरण करते हैं। हनुमानजी को धर्म की रक्षा

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महारक्षक भगवान नरसिंह देव

विष्णु पुराण की कथा के अनुसार सतयुग में हिरण्यकश्यप और हिरणाक्ष नामक दो असुर सम्राट हुए थे जो भगवान विष्णु के कट्टर विरोधी थे।

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इंडियन एजुकेशन एक्ट का सच

1858 में इंडियन एजुकेशन एक्ट बनाया गया, इसकी ड्राफ्टिंग लार्ड मैकोले ने की थी लेकिन उससे उसने यहां भारत की शिक्षा व्यवस्था का सर्वेक्षण

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औषधिरूप हैं नवदुर्गा

नवदुर्गा, यानि मां दुर्गा के नौ रूप 9 औषधियों में भी विराजते हैं और समस्त रोगों से बचाकर जगत का कल्याण करते हैं। नवदुर्गा

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राहु काल का वैज्ञानिक आधार

ज्योतिष एक अद्भुत विज्ञान है जिसे साक्षात ब्रह्मा जी ने मानवता के कल्याण के लिए प्रकट किया था। ज्योतिष को वेद का नेत्र भी

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Maykhana: A Mystifying Enigma

His Holiness Mahabramrishi Shree Kumar Swami Ji indited a collection of sacred writings/verses combined together to form a Divine Entity in itself named “Maykhana.”

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अहंकार का परिणाम

विनम्रता व समर्पण ही व्यक्ति को महान बनाती है और परमात्मा तक पहुंचा देती है। जब तक मनुष्य विनम्र होगा और अहंकार रहित होगा

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आदर्श गृहस्थ

जिस घर में पति व पत्नी का झगड़ा नहीं होता और शांति रहती है तो वह घर स्वर्ग के समान होता है तथा वे

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